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Shayari
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Jul 4, 2021
मंजिल मिलेगी, भटककर ही सहीगुमराह तो वो हैंजो घर...
मुझे रिश्तों की लम्बी कतारों से मतलब नहींकोई दिल ...
कोई ताबीज ऐसा दो किमैं भी चालाक हो जाऊंबहुत नुकस...
नफरत हो जायेगीतुझे तुझसेअगर मैं तुझसे तेरे हीअं...